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How to feel soul?
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आत्मा को हम अपनी स्थूल इन्द्रियों से नहीं देख सकते,परंतु हम उसकी अनुभूति कर सकते हैं।चेतना की अनुभूति होना,यह आत्मा का लक्षण है।
Physically viewable in this whole world, there is nothing in which the person gets ten times one, but every step taken Krishna's devotion, Krishna also takes ten steps to his devotees and only by taking the steps of Krishna Only the material creatures of the world are saved. This thinking is of a physical verb person. इस पूरे संसार में भौतिक रूप से देखा जाए तो एसा कुछ भी नहीं है जिसमें व्यक्ति को एक का दस गुना मिले लेकिन कृष्ण भक्ति की ओर उठते हर एक कदम पर कृष्ण भी अपने भक्तों की ओर दस कदम उठाते हैं और कृष्ण के कदम उठाने मात्र से ही संसार के भौतिक जीवों का उद्धार हो जाता है। यह सोच एक भौतिक वादि व्यक्ति की हैं।
This world is a prison and we all are their prisoners, if you are poor then it is an iron gel for you and if you are rich then there is a gold jail. There is only one way to get out of this world of Kedar and that is the continuous chant of Hari Naam .
प्राचीन काल की बात है. एक गांव में गुरूद्रूह नाम का एक शिकारी रहता था। जानवरो का शिकार करके वह अपने परिवार का पालन पौषण किया करता था । शिवरात्रि के दिन जब वह शिकार के लिए गया, तब पूरे दिन शिकार खोजने के बाद भी उसे कोई जानवर नहीं मिला, परेशान होकर वह एक तालाब के पास गया और तालाब के किनारे एक पेड पर अपने साथ पीने के लिए थोडा सा पानी लेकर चढ गया । वह “बेल-पत्र” का पेड़ था और ठीक इसके नीचे एक प्राकर्तिक शिवलिंग भी था जो सूखे बेलपत्रों से से ढका हुआ था जिसकी वजह से वह शिवलिंग दिखाई नहीं दे रहा था। अनजाने मे उसके हाथ से कुछ बेल-पत्र एवं पानी की कुछ बूंदे पे़ड के नीचे बने शिवलिंग पर गिरीं और जाने अनजाने में दिनभर भूखे-प्यासे शिकारी का व्रत भी हो गया और पहले प्रहर की पूजा भी हो गई। रात की पहली पहर बीत जाने पर एक गर्भिणी हिरणी तालाब पर पानी पीने पहुंची। जैसे ही शिकारी ने उसे मारने के लिए अपने धनुष पर तीर चढ़ाया हिरणी ने घबरा कर ऊपर की ओर देखा ओर शिकारी से कांपते हुए स्वर में बोली- ” हे शिकारी मुझे मत मारो।” शिकारी ने कहा – वह मजबूर है क्योकि उसका परिवार भूखा है इसलिए वह अब उस...
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